नौजवान भारत सभा, सिरसा जिला कमेटी द्वारा जनसंगठनों के संयुक्त आह्वान के अंतर्गत जिले में नागरिकता संशोधन कानून के विरुद्ध अभियान छेड़ने का ऐलान!
नौजवान भारत सभा की सहभागिता वाले 12 जनसंगठनों के साझा मंच द्वारा भाजपा सरकार द्वारा नागरिकता संबंधी हाल ही में पास किए गए सांप्रदायिक कानूनों के विरुद्ध गतिविधि के आह्वान के अंतर्गत नौजवान भारत सभा, जिला कमेटी सिरसा द्वारा सी.ए.ए., एन.आर.सी. और एन.पी.आर. तथा छात्रों व विरोध कर रहे लोगों पर किए जा रहे दमन के विरुद्ध जिलेभर में अभियान छेड़ने का ऐलान किया।
आज गदरी बाबा सोहन सिंह भकना यादगारी हाल, संतनगर में नौजवान भारत सभा, जिला कमेटी सिरसा की विस्तारित बैठक करके ऐलान किया गया कि सी.ए.ए., एन.आर.सी. और एन.पी.आर. के विरोध में उठे जनरोष के साथ आवाज़ मिलाते हुए जिला सिरसा में विरोध अभियान छेड़कर केंद्रीय भाजपा शासन के इस हमले के विरुद्ध लामबंद किया जाएगा।
इस मीटिंग के बारे ने जानकारी देते हुए नौजवान भारत सभा, जिला सिरसा के नेता अमन ने बताया कि भाजपा शासन के द्वारा लाया गया नया नागरिकता संशोधन कानून पूरी तरह से सांप्रदायिक और गैर जनवादी है, क्योंकि यह नागरिकता के अधिकार को धर्म के साथ जोड़ता है और विशेष तौर पर मुसलमानों को निशाना बनाता है। नागरिकता कानून राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर को देशभर में लागू करने के निर्णय के साथ जुड़कर एक ऐसा खतरनाक हथियार बनता है जो भाजपा के सांप्रदायिक फासीवाद की सांप्रदायिक धार को और तेज़ करता है।
आगे उन्होंने बताया कि नागरिकता संशोधन कानून रद्द करने, एन.आर.सी. और एन.पी.आर. के कदम वापिस लेने, इसका विरोध कर रहे लोगों पर डाले गए झूठे केस रद्द करने, गिरफ्तार किए लोगों को रिहा करने, जेएनयू और जामिया समेत देशभर में लोगों पर दमन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और केस दर्ज करने जेएनयू में नकाब डाल कर आए संघी गुंडों को गिरफ्तार करने और देश में गिरफ्तार किए गए बुद्धिजीवियों को रिहा करने, नजरबंदी कैंपों को खत्म करने और वहां बंद किए लोगों को रिहा करने, दिल्ली में थोपे गए एनएसए में समेत सभी काले कानून रद्द करने की मांगों को लेकर नौजवान भारत सभा, सिरसा द्वारा आने वाले दिनों के दौरान जिलेभर में अभियान छेड़कर लोगों को लामबंद किया जाएगा। नौजवान भारत सभा सभी जनवादी और इंसाफपसंद लोगों को इस अभियान का हिस्सा बनने और इस संघर्ष का अंग बनने की अपील करती है।
नौजवान भारत सभा के जिला नेता पावेल ने बताया कि नागरिकता के मुद्दे पर लिए जा रहे यह कदम गैर जनवादी, सांप्रदायिक हैं और अल्पसंख्यकों के विरुद्ध हैं। तथा सभी लोगों का विरोध करना लाज़िम है। नौजवान भारत सभा, सिरसा द्वारा भी इसके विरोध में लोगों को लामबंद करने के लिए जन संगठनों के साझा मंच द्वारा जारी पर्चा, पोस्टर बांटा जाएगा। जनसभाओं के साथ साथ विचार गोष्ठियों, मशाल मार्च, मोटरसाइकिल मार्च, जागो, प्रभात फेरियों और फिल्म शो आदि के माध्यम से इन कानूनों के विरुद्ध लामबंदी की जाएगी और 16 फरवरी को बड़े जत्थे के साथ मलेरकोटला रैली में भागीदारी की जाएगी।
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